Thursday, 7 February 2013

shareer to mitti ka bna hota hai par aapko kichad ???????????

शरीर का क्या है ................मिटटी का बना होता है .......और मिटटी के खिलौने बनाने और उसको तोड़ने में हम सब को बचपन से ही महारत हासिल होती है .....................क्या यह सही नहीं है कि हम मिटटी से कुछ ज्यादा ही खेलने लगे है .....हा यह सच है कि मिटटी में खेलने से शरीर मजबूत बनता है पर खेलने में यह ध्यान रखना जरुरी है कि कही कीचड़ न बना डाले हम मिटटी को ..वैसे तो पारवती जी मिटटी से गणेश कि उत्पत्ति कर दी थी और अर्जुन और किरात के युद्ध में अर्जुन ने मिटटी के ही शिवलिग को बना कर किरात बने शिव का पहचान पाए थे और अर्जुन को शंकर का धनुष मिल गया था पर हम तो जब देखो जहाँ देखो मिटटी के खिलौए से खेलते रहते है बस में , सड़क पर जहा पाया वही मिटटी के खिलौने को रौंद दल पर अर्जुन नहीं बन पाए कभी हम सब को मिटटी के शरीर में माँ , बहन , और देवी नहीं दिखाई दी और हुआ क्या शंकर के बजाये हम खुद संकर बन गए ..............हा हा आपको मेरी बाते क्यों समझ आएँगी .आप तो मिटटी से बर्तन धोते है और मिटटी को राम से समुद्र पर पुल बनाते समय शिवलिंग बनाने में प्रयोग करा था क्योकि हनुमान को शिवलिंग लेन में देरी हो रही थी ...पर हम तो मिटटी के शिवलिंग बना ही नहीं पाए हा मिटटी से बने होकर भी लोगो की जिन्दगी को पत्थर की बनाते रहे है .................मिटटी न होती तो क्या पेड़ पौधे , घास फूस और अनाज पाते????????????????? पर आप का शरीर भी तो मिटटी का है और आप कुछ नहीं बना पा रहे .....सृजन के बजाये हम मिटटी के शरीर से सिर्फ कीचड़ बनाना सीख पाए ......अच्छा मैं सही नहीं हूँ तो क्यों कमल नहीं खिला पाए ..................सिर्फ मिटटी के शरीर से आप क्या चाहते है ......सिर्फ १६ दिसम्बर की चीख .....................अस्पताल में अपाहिज सा जीवन जी रही एक मिटटी की मूरत ..........................लीजिये मिटटी और सोचिये आपके शरीर में कहा है ??????????????? कीचड़ मिटटी का ही रूप है पर ....................आप उसमे खड़े कैसे होंगे ....................वैसे सूअर को कीचड़ बहुत पसंद है और मिटटी को कीचड़ बनाना ही उनको आया .पर शरीर टी  मिटटी का ही होता है ना ................तो आप क्या मिटटी का मतलब समझ रहे है आय फिर कीचड़ बनाने वाला ..सु ???????????????? सोचिये अगर आप आदमी है नहीं तो ......मैं कौन होता हूँ कि आप ?????????????????? मिटटी का तन !!!!!!!!!!!!!!!! क्या अभी भी आप का मन ..............................

Wednesday, 6 February 2013

sone ke liye pagal hai .vinash to hona hi hai

रात गहरा रही है .और मुझे भी सोना है पर सोना तो इतना दाम का हो गया है कि आम आदमी की पहुच से दूर होता जा रहा है ................लेकिन जिसे देखिये वह सोने के लिए पागल हो रहहाई क्या आप भी सोएं के लिए जा रहे है .........पर तेते पावं जेती लाम्बी सौर .......यानि आप जितना सोने के लिए भागेंगे उतना ही आप सोने से दूर होते जायेंगे और एक दिन आप बीमार हो जायेंगे ....अब आप बताइए ऐसे सोने क अक्य फायदा जो आप को बीमार कर दे ..............शायद यही कारण है कि सोने के लिए पागल हो रही दुनिया में रात को हर अपराध होते है क्योकि सोने के लिए प्रयास आपने किया और सोने का फायदा उठाया किसी और ने !!!!!!!!!!!!!!!!! नहीं समझे आरे आप ही तो सोने के लिए जा रहे है .काश कोई जान पता कि सोने के कारण ही हम किस तरह बर्बाद हो रहे है .देश को गिरवी भी इसी सोने के कारण होना पड़ा था १९९१ .....और सोने के कारण लोग शादी में पीतल और चंडी के जेवर देने लगे ...तो सोने ने हमको गरीब किया या नहीं .......................गलती से पैदा हुए और अब इस दुनिया में सोने के लिए आप पागल है .जब सोने के लिए जिन था तो मौत को गले लगा लेते कम से कम संतोषम परम सुखं तो रहता और आप हमेशा के लिए सोने के साथ हो जाते ....खैर आपको क्या मतलब सोने से .....इसी सोने के कारण महमूद गजनवी ने देश में १७ बार आक्रमण किया ...उअर सोने ने हमको इतना लुट्वाया कि हम ननगे हो गए .................इसी सोने के कारण हम सोने कि चिड़िया तो कहलाने लगे पर सोने की आदत ने हमारे देश में शक , हूण, कुषाण , मुग़ल , अंग्रेज कौन नहीं आये और हम सोने में ही उलझे रह गए और देश के मूल्य , संपत्ति सब को लुटा बैठे ........खैर आपको सोने से कौन रोक सकता है क्योकि सोने के लिए आप सपने बुनते है अगर सोना नहीं होता तो शाहजहाँ को सपने में ताजमहल कैसे दिखैयी देता और और विदेशी  मुद्रा सरकार को कैसे मिलती ???????????????? पर सोने के लिए हम क्यों पागल है कोई बता सकता है .इसी सोने के कारण रोज घर लुट रहे है ......हत्या हो रही है ............आप सोने को गले लगाये रह गए और जिनके पास सोना नसीब नहीं है वो आपको सोने से इतना दूर कर गए कि गले को रेत कर मार डाला............................क्या सोने से कोई बच पाया है !!!!!!!!!!!!!!!!!!!! नहीं पर लालच का क्या जिसने भी सोनेक एलिए लालच पाला वह गया काम से ...............फिर भी चुनौतियों से खेलना हमारी आदत है ....क्यों हम सोने से दूर रहे है जो हों अहै वो तो होकर ही रहेगा तो क्यों न सोने को साथ लेकर रहा जाये ....गर सोने का मामल हमारी जिन्दगी में ना होता तो महामाया को बुद्ध के जन्म का स्वप्न कैसे आता ??????????????.क्या आप सोने के लिए बढ़ रहे है ??????????????????? भगवान आप की रक्षा करें ..............

Tuesday, 5 February 2013

ham gire isi liye aaj pani gira

आज पानी बरस रहा था .............................. १६ दिसम्बर २०१२ के बाद पुरे भारत में कई जगह मासूमो के खून के दाग मिले है .....और भगवन चाहता है की लोग यह न जान पाए कि यह देश भाई बहनों का देश है ???????????????????????जब मैं यह समझा रहा था तो एक सज्जन जो वास्तव ????????? में विद्द्वान थे बोले ...क्या बकवास करते है ....यह तो पश्चिम विछोभ का परिणाम है !!!!!!!!!!!! जी जी ज आप बिलकुल सही कह रहे हा यह पानी पश्चिम विछोभ के करना ही हो रहा है ...पर इस देश में पश्चिम का कोई कम ही नहीं था .........यह तो पूरब का देश है .........................लाली का देश है और इसी  लिए तो पानी गिर रहा है ????????????? पानी गिर रहा है ......का क्या मतलब है आपका ???????????? मेरा कहना बस यही था कि जा पानी गिर रहा है तो हम गिर रहे है तो क्या हर्ज है !!!!!!!!!!!!!!!!! मतलब क्या है आपका ????????????? जी मैं कहना चाहता हूँ कि इसी लिए हमारी आँखों में पानी की कमी हो गयी है क्योकि पानी खुद गिरने लगा है और गिरी चीज  को आप उठाने में विश्वास नहीं करते .....क्यों उठाये गिरने का मजा ही अलग है जब भी गिरो बिना किसी सहायता के उस गिरते चले जाइये और चढ़ने में फर्जी म्हणत लगती है ..........गिर कर ही तो सृजन होता है .देखिये ना पानी गिरा नहीं कि किसानो के चहरे खिल गए आखिर किसी (  पानी ) के गिरने से अब गेंहू की फसल तो अच्छी होगी ....अब आप ही बताइए जब गिरने से कुछ पैदा हो सकता है तो क्यों ना गिरा जाये और पैदा होने पर खाने के काम आये या बीज के ...फायेदा तो हैं ना अब आप खुद सोचिये क्या गिरने से फाएदा नहीं है ????????????? जब आप गिरते है तो हाथ पैर टूट जाता है तो केवल नुकसान ही थोड़ी न होता है ....आप विकलांग होकर कितने फायदे पा जाते हैं !!!!!!!!!!!!! वैसे पढ़ लिख कर बेरोज्ज्गर के लाइन में खड़े हों इसे बेहतर है की गिर कर हाथ पैर टूटे और विकलांग कोटे में नौकरी पक्की !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! तो क्या आज का पानी गिरना कोई कम फायदा का सौदा है ?????????? आखिर बस में रेप करने के बाद खून के दाग नल के पानी से तो जाने रहे और कोई देख ले तो अलग ........अपनी खुद गिरा और गिरे लोगो को उठा दिया ..........दाग साफ़ हो गए ...पर पानी का फायदा लीजिये आज फिर भारत पुत्र ने उठाया ...जी जी दिल्ली में आज फिर एक महान सपूत से कुकर्म की कोशिश की .और जा सफल नहीं हुआ तो लड़की के मुह में राड दाल दी ..................काहिर पानी गिरता रहा और हम भी गिरते रहे .आखिर हम देख कर ही तो सीखते है और सामजिक बनते है .....क्या आप पानी को गिरता देख रहे है ?????????????????????????

Monday, 4 February 2013

aadmi khud ko kisse kah rhe ho

आदमी !!!!!!!!!!!!!!!!!! कौन???????? आप है आदमी  और किसने कहा आपको आदमी ?????????????? आरे यार इतना बुरा मत मानो मैंने ऐसा क्या गलत कह दिया ???????????????? आप आदमी जीव जन्तुओ के बीच ही तो कहलाये ...........यानि जानवरों के बीच हम सब आदमी है !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! पर किन जानवर के बीच आप इतने महान आदमी बन कर बैठे है .................शेर , भालू , चीता, बाघ , लकडबग्घा , भेड़िया, !!!!!!!!!!!!!!!!! पर इनको आपने जिन्दा कहा रहने दिया आखिर आपको दीखन जो थे की आप इनसे ज्यादा खूंखार है ....और सांप को मार कर आप ने सुरमा बना कर दिखा दिया की सांप के जहर को आँखों में लगा कर आपने अपने जहरीले होने का पदक हासिल कर लिया है ...................फिर किसे आप आदमी बता है अपने को ?????????????कौन ऐसे जानवर है जिनको आपने नहीं मारा????????????????? भैस !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! कुत्ता !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! गधा !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!घोडा !!!!!!!!!!!!!!!!!!!! बकरी !!!!!!!!!!!!!!!!!!ऊंट !!!!!!!!!!!!!!!!!!! ओह हो हम सब इनके लिए ही तो इस पर्थिवी के सबसे अप्रतिम प्राणी है !!!!!!!!!!!! मानव भगवान की अद्भुत देन और इन सबको इस लिए दिखाया क्योकि ये जानना चाहते थे की मानव किसको कहते है ??????????? क्यों क्यों आप बुरा मान रहे है क्या आप आदमी नहीं कहलाना चाहते जानवरों की दुनिया में .अच्छा अच्छा ............आप सोच रहे है कि संगत से फल उपजे .....संगत से फल जाये ..मतलब मतलब .आप कहना चाहते है कि हम जानवर के साथ रहते रहते आदमी रह ही नहीं गए ????????????????? जी नहीं मेरी क्या मजाल जो आप को कु ?????????????? भै???????????????? कहु आप जानिए कही ज्वर तो आदमी का मतलब नहीं जान गए ??????????? वैसे हम लोगो ने किसको बताने के लिए खुद को मानव कहा ?????????????? क्यों क्या जानवर ही मिला था अपनी बहादुरी बताने के लिए !!!!!!!!!!!!!!!!! कितना अद्भुत है ???????????????? आदमी ................नहीं नहीं नहीं नहीं जानवर ...............कम से कम हमरी हताशा को समझता तो है ??????????????? क्या आप आदमी है ???????????????????

Sunday, 3 February 2013

andhe hi to hai sab

आँख के अंधे और नाम नयन सुख !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! ये आप किस को कह रहे है ??????????????? मैं भला इस देश में किसको कह सकता हूँ ...अगर आपको अच्छा लगे तो मैं खुद को कह रहा हूँ >>>>>>>>>क्या आपने मुझको पागल समझ रखा है भला कोई अपने को खुद अँधा कह कर मजाक उडाता है ?????????????????? अगर आपको लगता है कि ऐसा नहीं हो सकता और सभी अंधे ही है तो मैं क्या कह सकता हूँ ????????????? पर यह भी सच है कि लोगो को आसमान नीला दिखाई देता है !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! काश उनके पास आंख होती और सब पढ़े लिखे होते ....................शुभ रात्रि


Saturday, 2 February 2013

desh me koi neta nahi hai

भारत में एक नेता का नाम बताइए जो पूरे देश का नेता हो ...............................आप एक आम आदमी !!!!!!!!!!!!!!!!!! क्यों आपको विश्वास आएगा आखिर आप अपने को आम आदमी जो नहीं मानते !!!!!!!!!!!!!!!!! तो फिर आप हुए न आम आदमी से इतर एक विशेष आदमी ????????????????? इस देश के नेता ....जी जी आप को पागलपन का दौर पड़ता है क्या ????????? आप क्या कहना चाहते है गाँधी , नेहरु , लोहिया , अम्बेदकर, देश के नेता नहीं है ??????????? नहीं है ...क्या नेहरु को कभी समाजवादी पार्टी के बैनर पर देखा या समाजवादी पार्टी के लोगो को कभी नेहरु की बात करते देखा ??????????????? क्या कांग्रेस के बैनर पर लोहिया को देखा .......................कभी बहुजन समज्वादी पार्टी के साथ लोहिया को देखा ????????????????? आरे भाई ये तो देश के नेता थोड़ी न है ये सब तो पार्टी के नेता है .....................आप भी रोज रोज न जाने क्या क्या कहते रहते है .............कभी कहते है कि यह देश ही नहीं है .यह तो माँ है ............कभी बताते है कि कुत्तो कि संख्या बढ़ रही है ....लोग कुत्तो से डरने लगे है .और आज ये ये कि देश का नेता कोई नहीं है ..........क्या आपको लगता है कि आप ही सब समझ पाते है ?????????????? जी नहीं मैं तो कह रहा हूँ कि जिसे आप देश कह रहे है वह .किसी को राष्ट्र पिता कहने पर लोग बवाल मचा देते है कि कैसे उनको राष्ट्र पिता कहा गया और सरकार तक कह देती है कि उनके यहाँ के रिकॉर्ड में यह नहीं दिया गया है कि उनको अधिकारिक रूप से राष्ट्र पिता कहा गया .................पर पूरे देश को राष्ट्र पति पर कोई आपत्ति नहीं है और हो भी क्यों क्योकि शायद हम लोग पिता से ज्यादा पति शब्द को समझते है ................आखिर पति के लिए हम कह सकते है कि है है ये मज़बूरी ............ये मासूम और ये दूरी???????????? पिता के लिए कोई व्रत है क्या पर पति को पाने के लिए सोलह सोमवार का व्रत करके प्राप्त करने  का  प्राविधान है .अब आप बताइए हम राष्ट्र के पति का विरोध क्यों करे जिसको पाने के लिए इतने उपाए करने पड़ते है और पिता तो जब चाहे जहा चाहे कोई भी बन सकता है तो इतनी सरल बात को हम इतना महत्तव कैसे दे सकते है ...जब हम इकिसी एक को पिता मनाने तक को तैयार नहीं है तो राष्ट्र का एक नेता कैसे कैसे मान पाऊ..................हा पति एक मानने को हम तैयार है यानि हमारे देश में प्राकृतिक रिश्ते से ज्यादा बनाये रिश्ते का महत्त्व है .और इसी लिए इस देश में लोग आते गए और हम उनको अपने देश में बसाते गए ................आखिर गरीब की बीवी सबकी सरहज ....................तो फिर एक नेता कैसे जितनो को पनाह दिया उतने के नेता को स्वीकारो और पूछो कि अतिथि देवो भाव का मतलब क्या है और अतिथि को क्या नेता बन्ने का अधिकार है ??????????? है तो नहीं तो अंग्रेज कैसे रह पाते यहाँ पर और आपको तो कुछ कभी नहीं आता रहा आखिर आप दुसरो के दिल को कैसे दुख देता ...........आप तो हार में जीत का सिद्धांत लेकर चलते है ............तभी आप १८८५ में अंग्रेज की बनायीं पार्टी की लाश आज तक ढो रहे है .......................और हम काम क्यों करे क्योकि मूल भारत के लोग कौन है ये तो आप आज तक अह जान पाए .........और आप तो इस सिद्धांत पर चलते है कि भले ही सौ मुजरिम छुट जाये पर एक निर्दोष को सजा ना मिले तो आप कैसे किसी भारतीय को मूल नागरिक कह दे और दिल दुखन आपकी आदत है  ही नहीं ............... इसी लिए तो अपना संविधान तक नहीं बनाया .....इतने देशो से चुराया कि माखन चोर भी शरमा गए आपकी इस करतूत पर .....................आखिर भारत में अगर किसी भी देश का आदमी गलती से या जान बूझ कर रह गया हो तो उसको यह तो ना लगे कि इस देश का संविधान उसके देश से अलग है .अब भी आपको लगता है कि कोई नेता इस देश का है ??????????????? क्या आप इस देश के नेता है ?????????????????

Friday, 1 February 2013

teacher aur student ek nahi hai

हमारे पास एक शिक्षक आये और कहने लगे कि देखिये आप शिक्षर्तियो के साथ बहुत घुलते मिलते है ..........और उनको मैदान में न बैठने दिया करिए .....................मैंने कहा वो बेचाहरे क्या करे उनको मैदान में बैठ कर कैसे पढाया जाता है ..................इस का अनुभव तो शिक्षक ही करवाते है ...बेचारे शिक्षक ठण्ड से इतना कांपते है कि कमरे होने के बाद भी मैदान में बैठ कर पढ़ाते है .................क्या क्या आप कहने चाहते है कि शिक्षक ही गलत है .न न न मैंने कब कहा कि शिक्षक गलत हो सकता है वो तो मार्ग दर्शक है .उसने मैदान में बैठने का रास्ता दिखाया और छात्र बैठने लगे .......................पर छत्र को जानवर की तरह भगाया जाता है .क्या कहा आपने हम लोग बच्चो को जानवर समझते है ???????????????? जी नहीं मेरा तो कहने का मतलब है कि आप तो मनुष्य है पर छात्र  सामाजिक जानवर है ..भला उसकी मजाल जो शिक्षक के सामने मुह उठा दे ........................देखिये आप छात्र   का इसी तरह गलत सलत साथ देते है और पूरा माहौल ख़राब होजाता है .................पर मैंने तो सुना कि चन्दन विष व्यापत नहीं लपते रहत भुजंग ..................मतलब आप सांप किसको कहना चाहते है ..............क्या शिक्षक सांप है ?????????????मैंने तो नहीं कहा वैसे ...शिक्षक तो तमसो माँ ज्योतिर गमय .यानि जो अंधकार से प्रकाश की और ले जाये ...............और अगर आप तो नील कंठ हो गए .यानि भगवन और कहा भी गया है कि गुरु गोविन्द दोउ खड़े ............काके लागु पावं................बलहारी गुरु आपनो गोविन्द दियो बताए.......................तो मैंने तो आप का मान बढाया है ........छात्र तो किसी भी भारतीय के साथ बैठ नहीं सकता पर अगर शिक्षक बैठा है तो वह कर सकता है ..............तो इस में गलत क्या है ???????????????? संविधान में लिखा है कि विधि के सम्मुख सभी बराबर है !!!!!!!!!!!!!!!!!!! ओह हो क्षमा मुझे नहीं पता था कि संविधान में छात्र नहीं आते है और वो छात्र कहा होते है वो तो लड़के और लड़की होते है ..और आप शिक्षक है ..जो जन्ता है कि लड़का -लड़की मिलने पर क्या कर सकते है ....क्या बात है ????????????? कम से कम कहै तो आपने मनो विज्ञानं पढ़ रखा है ...................और देखिये कोई साथ बैठ न पाए !!!!!!!!!!!!!!!!!!! क्योंकि साथ खाने और बैठने से ही एड्स ???????????????? हो जाता है?????????????? आखिर आप तो देश को समाज को दिशा देने वाले एक मजबूत आधार है बिनानी सीमेंट की तरह .....जो समाज को तोड़ डालेगा पर टूटेगा नहीं ???????????????? अगर शिक्षक इतना बुरा है तो आप क्यों शिक्षक बने न बनते ................जी जी आप बिलकुल सही कह रहे है पर क्या आप जानते नहीं कि हर कडवी दवा फयेदमंद होती है .जहर से ही सुरमा बनता है .....तो मई क्यों ना बनता शिक्षक ???????????????? क्या आप भी शिक्षक बनना चाहते है ???????????????????