Thursday, 20 August 2015

लड़की का अपहरण एक नासमझ कोशिश

४० प्रतिशत लड़कियों का अपहरण शादी के लिए होता है !!!!!!!!!!!!!
ये बात राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो कह रहा है | पता नह उन लड़की के माँ बाप कहा रह गए जो वर्षो से अपनी बेटी की शादी के लिए पैर रगड़ रहे है और ना जाने क्यों उनको शादी नहीं हो पा रही है और जो करना नही चाहती उनका अपहरण करके हो रही है | कही ये आंकड़े हो जनजाति या कतरा भील के तो नहीं है जहा पर अपहरण विवाह ही होता है | पिछले साल ७७००० हज़ार लड़कियों का अपहरण इस देश में हुआ ( क्या मजाल जो देश के कानून और सुरक्षा पर आप कोई संदेह भी करें अब हर जगह तो पुलिस नहीं रह सकती ना )और उनमे से ३१००० लड़कियों का अपहरण शादी के लिए हुआ ( अरे भैये इतना शादी के लिए परेशान क्यों हो जरा उन पतियों से पूछो तो वर्षो से तलाक के लिए लड़ रहे है ) जरा उनसे पूछो जो समझ ही नहीं पा रहे की भगवन ने किस जन्म का बदल लिया है जो ऐसी पत्नी दी और एक आप है कि अपहरण करके पत्नी ला रहे है वैसे आप इनको पत्नी ही बना कर रख रहे है या फिर ???????????? माफ़ कीजियेगा मेरी इतनी माजल कहा जो आपके चरित्र पर ऊँगली उठाऊं पर १८ -०८-२०१५ के टाइम्स ऑफ़ इंडियन में सम्पादिकीय में एक लेख आया कि अब माता पिता को लड़की के कौमार्य पर बात नहीं करनी चाहिए शादी के पहले वो कुछ भी करें माता पिता कोपुराने विचार त्यागने होंगे अब आप ही बताइये क्या इस विचार के बाद भी इस देश में लड़की के अपहरण की जरूरत है ???? बसंती का अपहरण करोगे फिर वीरू आएगा और गब्बर मारा जायेगा | इससे क्या फायदा !!!!!!!!!! आप तो इस देश में लड़की की केवल इज्जत करों बाकि देश का कानून सब देख रहा है उसे भी देश के लोगो का ख्याल है | इसी लिए लड़की केलिए उम्र सीमा १६ की जा रही है | लड़की किसी के साथ बिना शादीके रह सकती है | अब सरकार आपके लिए इतना कुछ कर रही है और आप लड़की के अपहरण में लगे है | भाई  लड़की भी इस देश की ही है उसको भी जीने  का हक़ है तो जियो और जीने दो बाकि तो सारे सुख कानून देने को बेचैन है ही |अब आगे से फर्जी में कानून हाथ में लेकर लड़की का अपहरण ना करियेगा | ऐसा करेंगे ना ( क्यों नहीं करेंगे भंडारा का प्रसाद हर कोई हाथ फैला कर लेना चाहता है ) व्यंग्य को समझ कर पढ़िए आलोक चान्टिया

Wednesday, 19 August 2015

नागिन पंचमी भी तो मनाइये

नागिन पंचमी नहीं मानते हम !!!!!!!!!
दुनिया में सारा खून खराबा तो पुरुषो ( नर ) ने ही किया है वो तो फर्जी हम सब नागिन को ओढ़ देते है कि वो ज्यादा जहरीली होती है ( वैसे नारी के लिए भी भतृहरि ने भी यही कहा है ) अब फर्जी तक्षक ने कुरु के वंशज परीक्षित को काट कर मार क्या डाला कि परीक्षित के पुत्र जनमेजय ने सरे सांपो को मारने का ठेका  ही ले डाला | वो तो भला हो भृह्मा के पुत्र कश्यप की चौथी पत्नी ( औरत ) का जो नागलोक की राजकुमारी थी और कश्यप से उनके एक नाग पुत्र आस्तिक ( अब ये ना पूछियेगा की क्या आदमी और नागिन के सम्बन्ध से कोई बच्चा पैदा हो सकता है कि नही बस  आस्था मान कर अनुवांशिकी का मजा लीये ) और आस्तिक ने जनमेजय को समझाया कि क्यों नागो को बर्बाद कर रहे हो और बस उनके ज्ञान से खुश होकर सांपो को मारने का यज्ञ रोक दिया गया और सिर्फ सांपो का राजा तक्षक बचा गया ( अब ये भी ना पूछियेगा कि बिना नागिन के तक्षक ने फिर इतने साप कैसे पैदा किये और सांपो कि २००० प्रजातियां कहा से आई ) और सांपो के जान की रक्षा आज पंचमी के ही दिन हुई थी इस लिए तब से नाग पंचमी मनाई जाने लगी अब बात रही की क्यों नहीं नागिन पंचमी मनाई जाती है तो मैंने पहले ही कह दिया की सिर्फ तक्षक बचे थे और जब कोई नागिन बची ही नहीं तो भला हम क्यों मनाये नागिन पंचमी ( वैसे दुनिया में नागिन का रूप फिर मिला किसको अब मेरी तो हिम्मत नहीं की मैं कह सकूँ आखिर कौन नागिन के सामने पड़े और उनकी आँखों में बसे पता नहीं कब कहा बदला ले ले मेरे पास तो जनमेजय भी नहीं जो बदला ले सके )  क्या आपको भी लगता है कि आपके पास कोई नागिन जिन्दा है तो पंचमी उसके साथ मनाइये और गाना गाइये तन डोले मेरा मन डोले मेरा ......दिल का गया करार .अब ये ना पूछियेगा कि मैं किसके लिए कह रहा हूँ ? आप सभी को नागिन पंचमी की शुभकामना ( व्यंग्य को समझ कर पढ़े ) आलोक चान्टिया

Monday, 17 August 2015

मोदी जी मुस्लमान है

मोदी जी मुसलमान है !!!!!!!!!!!!!!!!
अब जब इस देश में कोई मानने को तैयार ही नहीं कि हम सब सिर्फ भारतीय है तो ये बहस तो होनी ही चाहिए ना कि मोदी जी हिन्दू है कि मुसलमान और लीजिये कीजिये बहस कि मोदी जी मुसलमान नहीं है | अब आप कहेंगे कि उन्होंने टोपी नहीं पहनी तो हिन्दू हुए ना और रोजा इफ्तार में नहीं गए तो बिलकुल ही हिन्दू सिद्ध हो गए पर शेख मस्जिद में जाकर तो सिद्ध हो गया ना कि मोदी जी मुसलमान है | वैसे आप को क्या लगता है कि मोदी जी हिन्दू ज्यादा है बिलकुल नहीं क्योकि मोदी और मंदिर में ही सिर्फ म अक्षर आता है और मुस्लिम , मस्जिद , मोदी सब में म ज्यादा आता है तो हुए ना मोदी जी मुसलमान तो कब शुरू कर रहे है देश में इस पर बहस कि मोदी जी नाम में म है और मुस्लिम , मस्जिद में भी म है तो मोदी जी को मुसलमान माना जाये न कि हिन्दू क्योकि हिन्दू ह से शुरू होता है और बस मंदिर में म आता है ( अगर हम सब ऐसी बातें नहीं करेंगे तो दुनिया जानेगी कैसी कि हम जगत गुरु क्यों कहलाये और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र जिन्दा कैसे है ?) अब आप ही बताईये लोक तंत्र में जिधर वोट ज्यादा वही विजयी तो म जिधर ज्यादा वही बात सच तो हुए ना मोदी जी मुसलमान!!!!!!!!!!!!!!!!!देखिये चुकियेगा नहीं ऐसी बहस कराने में आखिर मोदी जी भारत के प्रधानमंत्री थोड़ी है वो तो एक धर्म जाती के है और आप बिलकुल उनको भारतीय बनकर रहने ना दीजियेगा वरना देश में सबका साथ सबका विकास हो जायेगा और आप ऐसा होने ना दीजियेगा आखिर २०१९ में आपको चुनाव लड़ना है ई नहीं तो कुछ तो मसाला होना चाहिए ना !!!!! तो शुरू कीजिये म पर बहस ( पता नहीं कब हम सब देश के लिए सोचेंगे ) ( इस व्यंग्य को समझिए और सोचिये ) आलोक चान्टिया , अखिल भरित्ये अधिकार संगठन

Sunday, 16 August 2015

एक अरब इधर भी ........एक अरब उधर भी

एक अरब इधर भी और एक अरब उधर भी
अब क्या बताऊँ मोदी जी तो पिछले १५ महीने से एक अरब से ज्यादा लोगो के लिए जी रहे है तो आज उनके अरब जाने पर इतना शोर क्यों हो रहा है ? रही बात उनके शेख जायद मस्जिद पर जाने की तो बिलकुल सही है भला मोदी जी क्यों गए वहा की मस्जिद में ? क्या यहाँ की मस्जिद में वो राम को आजाद कर पाये !!! कही उन्हें ये तो याद नहीं कि कण कण में भगवान है | पर लोग तो यह भी चिल्ला रहे है कि उन्होंने टोपी क्यों नहीं पहनी ???? क्यों पहने टोपी जब उनको टोपी पहनाना ही पसंद नहीं | मोदी जी आप भारतीय नहीं है ये तो सिद्ध हो गया ना कि आप हिन्दू या मुसलमान है ये बहस चल रही है | और ये बहस हो भी क्यों न हो क्योकि हम सब कभी भारतीय बन ही नहीं पाये | और आप बने भी क्यों क्योकि आप बगरंगी भाईजान तो इस लिए देखने गए क्योकि वो ४०० करोड़ के क्लब में शामिल हो सके आपके ना कान है ना आँख ( ब्रह्म के कहा होता है ये सब ) जिसमे ओम पुरी मस्जिद के बाहर पाक पुलिस से कहते है कि मस्जिद में टला नही लगाया जाता है ये तो अल्लाह का घर है जो हर समय खुला रहना चाहिए अब खुले घर में अगर मोदी जी घुस गए तो कौन सा पाप हो गया आखिर वो गुरु द्वारा भी तो गए थे और तभी उनको गुरु नानक जी से समझ में आ गया कि काबा तो हर तरफ है और जब काबा हर तरफ है तो क्या उससे बच के निकलना आसान है है क्या ?? पर आपने तो तय कर लिए है कि  मोदी जी को हिन्दू ही सिद्ध करना है पर भैया कानून खुद ये कहता है कि भारत में जो मुस्लिम सिख , ईसाई नहीं है वो हिन्दू है तो इसके लिए इतनी हाय तौबा क्यों | ये तो शुक्र है कि हमने हवा किसकी है इस पर लड़ना नहीं शुरू किया वरना हर सेकंड पर ये बहस होती कि अब हिन्दू कौन है और मुस्लिम कौन है ? पर आप सब चालाक है इस लिए पानी और हवा के लिए नहीं लड़ेंगे !!!!! वैसे मस्जिद के अंदर जाने से क्या अल्लाह मिलेगा ???या भगवान ( कितने चालाक  है आप अपने देश में हिंदी में अमरुद को अंग्रेजी में ग्वावा कह कर अपना लेते है पर अल्लाह को भगवान कह कर अपने में !!!!!!!!!!!!!!!) मोदी जी आप खूब घूमिये मस्जिद में क्योकि आप ही तो जानते है जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखि तेहि तैसी..............( व्यंग्य को समझ कर पढ़े ) आलोक चान्टिया

Saturday, 15 August 2015

स्वतंत्रता .दिवस का मतलब पता है

स्वतंत्रता दिवस .......या स्व ...........तंत्रता दिवस
वैसे तो अगर आप १५ -०८-१९४७ को जोड़े तो कुल जोड़ आएगा ०८ और फिर १५-०८-२०१५ को जोड़े तो आएगा ०४ अब क्या कुछ कहने को बचा है ६९ साल में देश ०८ से ०४ यानि आधा रहा गया अब ये ना पूछियेगा की ये किसने किया क्योकि प्रजातंत्र में ये पूछना यानि खुद मान लेने की राजतन्त्र है |खैर मैं तो ये जानना चाहता था कि आज स्वतंत्रता दिवस है या फिर स्व ...........तंत्र है लीजिये ये आपको नहीं समझ में आ रहा है अरे देश में गुलामी अभी खत्म तो हुई नहीं अगर अंग्रेजी न बोलो तो पढ़े लिखे नहीं कहलाते अब आप ही बताइये क्या आप अपने हस्ताक्षर हिंदी में करते है !!!!!!!!!!! बस बात  साफ़ हो गयी ना | तो क्या हम सब स्व .....तंत्र  में रह रहे है लीजिये अब इसको भी बताओ ???????////दूध में पानी मिलाने का पूरा तंत्र है , मिठाई में मिलावट का पूरा तंत्र है | कोयले में दलाली का अपना तंत्र है | नौकरी दिलाने का अपना तंत्र है | बेईमान का अपना तंत्र है | खून बेचने वालो का अपना तंत्र है | अंग बेचने वाले , नर्सिंग होम चलने वाले , लड़की बेचने वाले , झूठे केस में फ़साने का अपना तंत्र है | नेता बनना हो या फिर चार चोरो से शाह का प्रमाण पत्र लेना हो सभी का तो तंत्र विकसित है तो हुआ न स्व ........तंत्र और अगर आप ने कही गलती से कहा कि देश में भ्रष्टाचार है तो लीजिये आप सिद्ध हो गए पागल .....ये भ्रष्टाचार थोड़े ही ना है ये तो है स्व .............तंत्र ....अब आप बताइये कि स्वतंत्रता दिवस आपने मनाया या आपने किसी स्व .......तंत्र का आनंद लिया और काट ली जिंदगी इस सोने की चिड़ियाँ में ......अब आप कहेंगे इसी लिए इक़बाल साहब कह गए सारे जहाँ से अच्छा ..............वैसे स्वतंत्रता दिवस कब मनाया जायेगा इस देश में !!!!!!!!!!!! क्या देश से सीमा पार जाने का भी स्व ...तंत्र है !!! इसी लिए तो स्वतंत्रता दिवस के दिन कोई अपने घर में कुछ नहीं मनाता क्योकि ये कोई जनता के मानाने की चीज है ये तो स्कूल और सरकारी दफ्तरों का काम है क्योकि इस देश की जनता जानती है स्व .................तंत्र का मतलब !!!!!!!!!!! तो क्यों करें अपना समय बर्बाद वैसे क्या आप झंडे के नीचे खड़े हुए !!!!!!!!!!! क्यों खड़े हो खड़े तो वो होते है जिनको दिखावा करने की आदत है और जिसके मन में तिरंगा बसा है वो दिखाए क्यों .जाकी रही भावना जैसी ................ ओह हो इसी लिए आज आपने इस दिन को छूटी समझ कर बिताया वह क्या स्व ............तंत्र है आपका !!!!!!!!!!!!!!! आप सभी को स्वत्नत्रता दिवस की बधाई ( व्यंग्य को ध्यान से पढ़े ) अखिल भारतीय अधिकार संगठन , आलोक चान्टिया

Tuesday, 11 August 2015

नरेंद्र मोदी क्यों सच बोले !!!!!!!!!!

नरेंद्र मोदी बिलकुल गलत बोलते है !!!!!!
अब जो दिल्ली की गद्दी पर नहीं बैठ पाता तो वो तो हरिश्चंद्र है क्योकि अगर उसका झूठ ना पकड़ा जाता तो वो फिर दिल्ली की गद्दी पर फिर ना बैठ जाता और इसी लिए अब नरेंद्र मोदी सबसे  बड़े झूठ्ठे है और बाकि सब सबसे बड़े सच्चे !!! आँख न नचइये ये मैं नहीं कह रहा हूँ ये तो नीतीश कुमार जी कह रहे है कि बी जे पी का मतलब बड़का झूठ्ठा पार्टी | ये लीजिये मैं भी झूठ बोलने लगा अब करूँ भी क्या जब एक झूठ्ठा के साथ काम करूँगा तो जबान तो फिसलेगी ही !!! वो हुआ ये कि हमारे नरेंद्र भाई ने बिहार में जाकर कह दिया कि आर जे डी का मतलब रोज रोज जंगलराज का डर.....बस फिर क्या था लीजिये नहले पे दहला और नितीश जी ने कह डाला की बी जे पी का मतलब बड़का झूठ्ठा पार्टी !!!!!!!! बिलकुल सही कहा नितीश ने और मैं क्या न समर्थन  करूँ ( अब सच का साथ देने की हिमायत तो है नहीं वरना इस देश में भरष्टाचार ही क्यों फैलता ) बिलकुल सही कहा बड़का झूठ्ठा पार्टी ही है बताइये ये कोई बात है कि कह दिया रोज रोज जंगल राज का डर !!!!!!!!! अब भला लल्लू के रहते कोई जंगल राज रह सकता है चारा तक खा डाला और क्या लालू को जंगल का मतलब पता नहीं !! अगर जंगल राज होता तो देश में जंगल ३३ प्रतिशत के बजाये १९ प्रतिशत क्यों बचते बताइये ना !!!!!! हो गयी ना बोलती बंद और अगर जंगल राज होता तो देश में अच्छी बारिश होती अच्छी फसल होती अब इन लोगो ने जंगल अगर रहने दिया होता तो देश उन्नति करता | न जाने कितने अनमोल जीव जंतु जंगल खत्म होने से समाप्त हो गए | इतना पर्यावरण असंतुलम हो गया है |भला लालू क्या जाने कि जंगल से कितने लाभ हो सकते थे वो कैसे मान ले कि नरेंद्र जी कोई सही बात कह रहे है और कम से कम वो इस मोड़ पर सच बोल रहे है तो नरेंद्र जी को मान लेना चाहिए आखिर देश, प्रकृति , पर्यावरण , जैव विविधता से लालू को क्या लेना देना वो तो गीता के ज्ञाता है जिनको पता है जीवन नश्वर है इस लिए जियो दिल भर के भले ही आने वाली पीढ़ियां कंगाल हो जाये | उन्हें बिहार से क्या मतलब कौन अपने साथ लाद कर ले जायेंगे और इस लिए मोदी जी को ऐसी गलत बात की आशा करनी ही नहीं चाहिए थी चलिए अपनी गलती सुधारिये और लालू से कहिये आर जे डी का मतलब है राष्ट्र जाये दंगलमे ( वैसे अगर आप चाहे तो डी को डी कंपनी भी कह सकते है आखिर देश की लिए ये डी कंपनी से कोई कम नहीं ) और बी जे पी का मतलब ...............भारतीय जनता .......................पार्टी ही है ( कुछ समय पहले मैंने इस पर व्यंग्य लिखा था ) अब आप बताइये कि मोदी जी ने झूठ बोला कि नहीं और ऐसे कर्तव्यहीन नेता को कहा ये बर्दाश्त और इसी लिए उन्हों कह डाला .........बड़का झूठ्ठा पार्टी ( व्यंग्य के भाव को समझ कर पढ़िए ) आलोक चान्टिया , अखिल भारतीय अधिकार संगठन

संसद की संस्कृति

क्यों न करें हम संसद में दंगा !!!!!!!!!!!
देश के लोगो को देश के हित में सब सीडी छोड़ देनी चाहिए आखिर देश की संसद में होने वाला रोज का खर्च १४.५ करोड़ कहा से आएगा | अब तक करीब १७० कॉर्ड रुपये खर्च हो चुका है और काम कितना हुआ ?????? पर आप तो महाराणा प्रताप के देश में रहते है और आप अपनी काम वाली से पूछ सकती है कि जब आई ही नही तो पैसा कैसे और नौकरी वालो से कह सकते है कि जब जब काम ही नहीं किया वेतन किस बात का | पर क्या मजाल जो आप अपने नेताओ से पूछ ले कि जब संसद में काम ही नहीं किया तो किस बात का बाटता और किस लिए रोज करोडो कि बर्बादी | पर आप तो दया के सागर है और फिर सब्सिडी भी तो इसी लिए छोड़ रहे है क्योकि नेता मनुष्य ????????? की तरह संसद में लड़ सके | शायद आपको १९७३ की रेलवे हड़ताल याद नहीं जिसमे जिन लोगो ने हड़ताल की थी उनकी नौकरी का क्या हुआ वो आज तक लड़ रहे है | वैसे आप जानते है क्यों नेता लड़ते है इतना संसद में !!!!!!!!!!!!!!!!! बताइये बताइए .........अब अपने मुह मिया मिठ्ठू क्यों बनने लगे हा हा कह डालिये कि हमारे देश कि ज्यादातर जनता अशिक्षित है तो उसके प्रतिनिधि भी तो वैसे ही होंगे लेकिन मैंने तो सुना है कि पढ़े लिखे जाहिल ( बेवकूफ ) होते है अब ऐसा कह देंगे तो देश के जगत गुरु होने पर प्रश्न  चिन्ह लग जायेगा और आप देश के लिए कुछ नहीं सुन सकते भले जान चली जाये लेकिन नेता इतना संसद में लड़ते क्यों है ? कहते है कि तुमहरा नेता चोर है तो दूसरा कहता है कि तुम्हारा नेता चोर है पर इतना हाय तौबा क्यों हमने तो संविधान में मान ही लिया है कि अनुच्छेद १४ के अनुसार विधि के समक्ष सब समान है तो सब चोर है सिद्ध है तो क्यों झगड़ा हो रहा है ???अच्छा अच्छा जाति पाती वाले देश में  बढ़ा चोर और छोटा चोर बराबर कैसे हो सकते है आखिर इतनी म्हणत से बड़े चोर का दर्ज हासिल हुआ है तो कैसे छोड़ दे आखिर किसी चीज में तो जमींदारी बची रहे | लीजिये अब आप कहने लगे कि सब्जी महंगी हो गयी बैया १४ करोड़  रुपये रोज खर्च करवाओगे तो सब्जी तो महंगी होगी ही और बोलोगे इस लिए नहीं क्योकि संतोषम परम सुखम .......जियो और जीने दो सब तो आप जानते है और इसी लिए घर के भेदी लंका ढाह रहे है और कह रहे है कि हम सब संसद में लड़ेंगे मेरी मर्जी आखिर हम भारतीय संस्कृति के पोषक है तो कैसे पता चलेगा कि भसमासुर यही हुआ था ( जिसने खुद को मूर्खता में भस्म कर डाला था ) अब तो आप मान गए होंगे कि संसद ना चलने देना कितना सही है और आप सही के साथ हमेशा रहे है ( व्यंग्य समझ कर पढ़े ) आलोक चान्टिया अखिल भारतीय अधिकार संगठन