Sunday, 16 August 2015

एक अरब इधर भी ........एक अरब उधर भी

एक अरब इधर भी और एक अरब उधर भी
अब क्या बताऊँ मोदी जी तो पिछले १५ महीने से एक अरब से ज्यादा लोगो के लिए जी रहे है तो आज उनके अरब जाने पर इतना शोर क्यों हो रहा है ? रही बात उनके शेख जायद मस्जिद पर जाने की तो बिलकुल सही है भला मोदी जी क्यों गए वहा की मस्जिद में ? क्या यहाँ की मस्जिद में वो राम को आजाद कर पाये !!! कही उन्हें ये तो याद नहीं कि कण कण में भगवान है | पर लोग तो यह भी चिल्ला रहे है कि उन्होंने टोपी क्यों नहीं पहनी ???? क्यों पहने टोपी जब उनको टोपी पहनाना ही पसंद नहीं | मोदी जी आप भारतीय नहीं है ये तो सिद्ध हो गया ना कि आप हिन्दू या मुसलमान है ये बहस चल रही है | और ये बहस हो भी क्यों न हो क्योकि हम सब कभी भारतीय बन ही नहीं पाये | और आप बने भी क्यों क्योकि आप बगरंगी भाईजान तो इस लिए देखने गए क्योकि वो ४०० करोड़ के क्लब में शामिल हो सके आपके ना कान है ना आँख ( ब्रह्म के कहा होता है ये सब ) जिसमे ओम पुरी मस्जिद के बाहर पाक पुलिस से कहते है कि मस्जिद में टला नही लगाया जाता है ये तो अल्लाह का घर है जो हर समय खुला रहना चाहिए अब खुले घर में अगर मोदी जी घुस गए तो कौन सा पाप हो गया आखिर वो गुरु द्वारा भी तो गए थे और तभी उनको गुरु नानक जी से समझ में आ गया कि काबा तो हर तरफ है और जब काबा हर तरफ है तो क्या उससे बच के निकलना आसान है है क्या ?? पर आपने तो तय कर लिए है कि  मोदी जी को हिन्दू ही सिद्ध करना है पर भैया कानून खुद ये कहता है कि भारत में जो मुस्लिम सिख , ईसाई नहीं है वो हिन्दू है तो इसके लिए इतनी हाय तौबा क्यों | ये तो शुक्र है कि हमने हवा किसकी है इस पर लड़ना नहीं शुरू किया वरना हर सेकंड पर ये बहस होती कि अब हिन्दू कौन है और मुस्लिम कौन है ? पर आप सब चालाक है इस लिए पानी और हवा के लिए नहीं लड़ेंगे !!!!! वैसे मस्जिद के अंदर जाने से क्या अल्लाह मिलेगा ???या भगवान ( कितने चालाक  है आप अपने देश में हिंदी में अमरुद को अंग्रेजी में ग्वावा कह कर अपना लेते है पर अल्लाह को भगवान कह कर अपने में !!!!!!!!!!!!!!!) मोदी जी आप खूब घूमिये मस्जिद में क्योकि आप ही तो जानते है जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखि तेहि तैसी..............( व्यंग्य को समझ कर पढ़े ) आलोक चान्टिया

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